आपके लिए इसका मतलब: कोरोना वैक्‍सीन लेने वालों को भी क्यों हो रहा संक्रमण? क्या नये स्ट्रेन पर भी कारगर है टीका, जानें हर सवाल का जवाब


लखनऊ. कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर की चपेट में तेजी से लोग आते जा रहे हैं. उत्‍तर प्रदेश के हालात ऐसे हो गये हैं कि अब हर रोज लगभग 6 हजार नये संक्रमित सामने आ रहे हैं. ये हाल तब है जब कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) आ चुकी है. यही वजह है कि लोगों के मन में कई तरह के सवाल चल रहे हैं.

न्यूज़ 18 ने उन्हीं सवालों के जवाब एक्सपर्ट से लेने की कोशिश की है. यूपी के स्वास्थ्य महकमे में संचारी रोग विभाग के निदेशक डॉ. अशोक कुमार पालीवाल से जानिए अपने मन में उठने वाले सभी सवालों के जवाब.

सवाल- वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी लोग कोरोना से संक्रमित क्यों हो जा रहे हैं?
जवाब – कोरोना के केस में री-इन्फेक्शन देखा गया है. अभी तक की स्टडी के मुताबिक वैक्सीन ले चुके लोगों में से लगभग चार से पांच फीसदी लोग संक्रमित हो जा रहे हैं. हालांकि ये शुरुआती स्टडी है, कोई बहुत अच्छी स्टडी नहीं कही जा सकती है. इसीलिए ये हमेशा कहा जा रहा है कि भले ही आपने वैक्सीन लगवा ली हो, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है. वैक्सीन लगवाने का ये कतई मतलब नहीं है कि आपको खुले में घुमने का लाइसेंस मिल गया.सवाल- वैक्सीन लेने के बाद या जो दोबारा कोरोना संक्रमित हो रहे हैं उनमें से कितने लोग गंभीर बीमार हो रहे हैं ? क्या ऐसे किसी व्यक्ति की मृत्यु भी हुई है ?

जवाब- अभी तक यही देखने को मिल रहा है कि वैक्सीन लेने के बाद या दोबारा संक्रमित होने वाले लोग गंभीर बीमार नहीं हो रहे हैं. ऐसे लोगों में कोरोना के लक्षण भी नहीं आ रहे हैं. कोई बहुत सीरियस नहीं हो रहे हैं. मेरी नॉलेज में अभी तक कोई ऐसा मामला नहीं आया है जिसमें दोबारा संक्रमण के बाद व्यक्ति की तबीयत बेहद खराब हो गयी हो. इसी वजह से वैक्सीन लेने वाले और दोबारा संक्रमित होने वालों में मृत्यु की संभावना बहुत ही कम है.

सवाल- जो पहले संक्रमित हो चुके हैं और जिनके शरीर में कोविड-19 वायरस के लिए एंटीबॉडी बन गई हैं, क्या उन्हें भी वैक्सीन लेने की जरूरत है ?
जवाब – ये सही बात है कि संक्रमण के बाद इंसान के शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है. ठीक वैसे ही जैसे वैक्सीन के लगने के बाद, तभी तो वो ठीक होता है. एंटीबॉडी की शरीर में मात्रा और हर उम्र के इंसान के लिए अलग अलग होती है. इसका भी अभी ठीक से अध्ययन होना बाकी है, लेकिन इतना तो तय है कि वैक्सीन लेने से उन एंटीबॉडी की मात्रा बढ़ जाती है. इससे वैक्सीन लेने वाले को पहले से ज्यादा प्रोटेक्शन मिलता है.

सवाल – अभी तक प्रदेश में कोविड-19 के कितने नये स्ट्रेन मिले हैं ?
जवाब- प्रदेश में कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन को लेकर कोई अलार्मिंग कंडीशन नहीं है. यूपी में कितने नये स्ट्रेन मिले हैं इसका तो जवाब देना अभी मुश्किल है. वैसे तो दुनियाभर में लगभग 700-800 नये नये स्ट्रेन डेवलप हो चुके हैं.

सवाल – कोरोना का मौजूदा टीका क्या वायरस के नये स्ट्रेन पर भी कारगर होगा ?
जवाब – अमूमन ऐसा होता है कि किसी वायरस से लड़ने के लिए शरीर में जो इम्य़ूनिटी बनती है वो उस परिवार के सभी वायरस के खिलाफ काम करती है. बशर्ते की वायरस में कोई असाधारण म्यूटेशन न हुआ हो. इसीलिए वैक्सीन का असर नये स्ट्रेन पर भी होगा.

सवाल – कोरोना के इस सेकेंड फेज़ का पीक कब आता दिखाई दे रहा है ?
जवाब – ये कोई नहीं बता सकता. इसके बारे में कोई फोर कास्टिंग नहीं की जा सकती. संक्रामक बीमारियों को गणित के फार्मूले से नहीं मापा जा सकता है. लोग मैथेमेटिकल स्टडी करते हैं लेकिन पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता.

सवाल – अब तो कोरोना से लड़ते-लड़ते सालभर हो गया है. ऐसे में इस दूसरे फेज़ में क्या अलग किया जा रहा है ?
जवाब – किसी भी एपिडेमिक का बेसिक प्रिंसिपल होता है ट्रैकिंग, टेस्टिंग और आइसोलेशन. इस दूसरे फेज़ में भी इसी पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा कोई दूसरा तरीका महामारी को रोकने का है ही नहीं.



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