जब हिमस्खलन के कारण मौत के मुंह में समा गए थे पाकिस्तानी सेना के 140 जवान


इस हादसे पर पाकिस्तानी पत्रकार ने सेना के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है,

Pakistan Army : 9 साल बाद भी पाकिस्तान इस हादसे को भूला नहीं पाया है. इस दिन को याद करते हुए पाकिस्तान के पत्रकार ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, ‘ 7 अप्रैल, 2012 को पाकिस्तान सेना के 140 जवान शहीद हुए थे.’

नई दिल्ली. आज ही के दिन 2012 में पूर्वी काराकोरम इलाके के सियाचिन के पास गयारी सेक्टर में एक हिमस्खलन हुआ. इस हिमस्खलन में पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने अपने 140 जवानों को खो दिया था.

9 साल बाद भी पाकिस्तान इस हादसे को भूला नहीं पाया है. इस दिन को याद करते हुए पाकिस्तान के पत्रकार ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, ‘ 7 अप्रैल, 2012 को पाकिस्तान सेना के 140 जवान शहीद हुए थे, जब सियाचिन के ग्यारी में एक हिमस्खलन हुआ था. उन्होंने आगे लिखा कि सैनिक पाकिस्तान का बचाव करने के लिए अपनी जान की कीमत चुकाते हैं. आइए भ्रष्टाचार मुक्त, समृद्ध पाकिस्तान के लिए हमारे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें.

विश्व का सबसे ऊंचा ग्लेशियर है
ग्यारी में महत्वपूर्ण बटालियन मुख्यालय स्थित है और एक समय में यहां पर करीब तीन हजार सैनिक तैनात थे. जम्मू कश्मीर सीमा पर संघषर्विराम होने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने सैनिकों की संख्या में कटौती कर दी थी. सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे उंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है. इस क्षेत्र में जितने सैनिक संघर्ष में नहीं मारे गए उससे अधिक खराब मौसम के चलते मारे गए हैं.ये भी पढ़ेंः- लता मंगेशकर का जिक्र कर ‘टीचर’ नरेंद्र मोदी ने छात्रों को दी परीक्षा पर सीख

सियाचिन में मौसम है सबसे बड़ा दुश्मन
आंकड़ों के अनुसार, सियाचिन में भारत और पाकिस्तान दोनों देश के जितने सैनिक यहां आपसी लड़ाई के कारण नहीं मारे गए हैं, उससे भी कहीं ज्यादा सैनिक यहां ऑक्सीजन की कमी, हिमस्खलन और बर्फीले तूफान के कारण मारे गए हैं.







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